भक्तियोग पर भाषण, व्याख्यान एवं प्रवचन, रचनाएँ: गद्य और काव्य
स्वामी विवेकानन्द के समग्र वाङ्मय का चतुर्थ खंड — भक्तियोग पर भाषण, व्याख्यान एवं प्रवचन, रचनाएँ: गद्य और काव्य।
ऐतिहासिक सन्दर्भ
चतुर्थ खंड में विवेकानन्द के भक्तियोग पर भाषण तथा उनकी पाश्चात्य यात्राओं (१८९३-९६, १८९९-१९००) एवं भारत में किए गए कार्यों के दौरान रचित व्याख्यानों, गद्य-रचनाओं, कविताओं और अनुवादों का विविध संकलन है। इसमें उनकी मौलिक कविताएँ और संस्कृत ग्रन्थों के अंग्रेज़ी अनुवाद सम्मिलित हैं, जो उनके सार्वजनिक व्याख्यानों से परे उनकी साहित्यिक एवं विद्वत्तापूर्ण सर्जना की व्यापकता को प्रदर्शित करते हैं।
विषय-सूची
शिव स्तुति
Translations: Poems
दिव्य माता की स्तुति
Translations: Poems
श्री रामकृष्ण की दिव्यता की स्तुति
Translations: Poems
एक मित्र को सहानुभूति का सन्देश
Writings: Prose
भारत के लिए कार्ययोजना
Writings: Prose
तुम्हें एक गीत सुनाता हूँ
Translations: Poems
"और श्यामा को वहाँ नृत्य करने दो"
Translations: Poems
अनजाने देवदूत I-III
Writings: Poems
आर्य और तमिल
Writings: Prose
ईसा, सन्देशवाहक
Lectures and Discourses
एकाग्रता
Lectures and Discourses
धर्म के मूल तत्त्व
Writings: Prose
थोड़ा और धैर्य रखो, वीर हृदय
Writings: Poems
भारतीय धार्मिक चिन्तन
Lectures and Discourses
विश्व को भारत का सन्देश
Writings: Prose
क्या भारत एक अज्ञानी देश है?
Lectures and Discourses
क्या आत्मा अमर है?
Writings: Prose
माँ काली
Writings: Poems
ज्ञान: इसका स्रोत और अर्जन
Translations: Prose
ध्यान
Lectures and Discourses
आधुनिक भारत
Translations: Prose
मेरे गुरुदेव
Lectures and Discourses
निर्वाणषट्कम्, अथवा निर्वाण पर छह श्लोक
Writings: Poems
भारत में कला पर
Lectures and Discourses
डॉ. पॉल डॉयसन पर
Writings: Prose
भगवान बुद्ध पर
Lectures and Discourses
प्रोफेसर मैक्स मूलर पर
Writings: Prose
जनसाधारण के प्रति हमारा कर्तव्य
Writings: Prose
हमारी वर्तमान सामाजिक समस्याएँ
Translations: Prose
शान्ति
Writings: Poems
रामकृष्ण, उनका जीवन और वचन
Translations: Prose
पुनर्जन्म
Writings: Prose
खेतड़ी के महाराजा के भाषण का उत्तर
Writings: Prose
कलकत्ता के भाषण का उत्तर
Writings: Prose
मद्रास के भाषण का उत्तर
Writings: Prose
शान्ति से विश्राम करो
Writings: Poems
पवहारी बाबा के जीवन का रेखाचित्र
Writings: Prose
थियोसॉफी पर बिखरी टिप्पणियाँ
Writings: Prose
मानसिक अथवा आध्यात्मिक अनुसन्धान का आधार
Lectures and Discourses
प्रमुख प्रतीक
Addresses on Bhakti-Yoga
धर्म के दावे
Lectures and Discourses
भारत को जिस शिक्षा की आवश्यकता है
Translations: Prose
प्रथम सोपान
Addresses on Bhakti-Yoga
संसार के महान शिक्षक
Lectures and Discourses
सृष्टि सूक्त
Translations: Poems
समाधि का स्तोत्र
Translations: Poems
इष्ट
Addresses on Bhakti-Yoga
प्रतीकों की आवश्यकता
Addresses on Bhakti-Yoga
धर्मों के इतिहास की पेरिस कांग्रेस
Translations: Prose
धर्म का अभ्यास
Lectures and Discourses
तैयारी
Addresses on Bhakti-Yoga
आधुनिक भारत की समस्या और उसका समाधान
Translations: Prose
रामायण
Lectures and Discourses
सामाजिक सम्मेलन का भाषण
Writings: Prose
संन्यासी का गीत
Writings: Poems
जड़ भरत की कथा
Lectures and Discourses
प्रह्लाद की कथा
Lectures and Discourses
अध्यात्म के शिक्षक
Addresses on Bhakti-Yoga
गीता पर विचार
Lectures and Discourses
एक मित्र को
Translations: Poems
मेरे वीर बालकों को
Writings: Prose
जागृत भारत को
Writings: Poems
हम किसमें विश्वास करते हैं
Writings: Prose
इस खंड के प्रमुख उद्धरण
“समस्त शक्ति तुम्हारे भीतर है; तुम कुछ भी और सब कुछ कर सकते हो। इस पर विश्वास करो, यह मत मानो कि तुम दुर्बल हो।”
“जो अग्नि हमें ऊष्मा देती है, वही हमें भस्म भी कर सकती है; इसमें अग्नि का दोष नहीं है।”
“किसी की निन्दा मत करो: यदि तुम सहायता का हाथ बढ़ा सको तो बढ़ाओ। यदि न बढ़ा सको तो हाथ जोड़ो, अपने भाइयों को आशीर्वाद दो, और उन्हें अपना मार्ग चुनने दो।”
63
अध्याय
159,267
शब्द
637
मिनट पठन
6
खंड